भाग-३१(31) सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना
भाग-३२(32) सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना
भाग-४०(40) जाम्बवान का हनुमानजी को उनकी उत्पत्ति कथा सुनाकर समुद्र लङ्घन के लिये उत्साहित करना
॥ किष्किन्धाकाण्ड समाप्त ॥
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