भाग-३१(31) शूर्पणखा का रावण को फटकारना
भाग-३३(33) रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना
भाग-३४(34) रावण का समुद्रतटवर्ती प्रान्त की शोभा देखते हुए पुन: मारीच के पास जाना
भाग-३५(35) रावण का मारीच से श्रीराम के अपराध बताकर उनकी पत्नी सीता के अपहरण में सहायता के लिये कहना
भाग-३६(36) मारीच का रावण को श्रीरामचन्द्रजी के गुण और प्रभाव बताकर सीताहरण के उद्योग से रोकना
भाग-३८(38) रावण का मारीच को फटकारना और सीताहरण के कार्य में सहायता करने की आज्ञा देना
भाग-४२(42) सीता के मार्मिक वचनों से प्रेरित होकर लक्ष्मण का श्रीराम के पास जाना
भाग-४५(45) रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार
भाग-४६(46) रावण द्वारा सीता का अपहरण, सीता का विलाप और उनके द्वारा जटायु का दर्शन
भाग-४८(48) जटायु तथा रावण का घोर युद्ध और रावण के द्वारा जटायु का वध
भाग-४९(49) रावण द्वारा सीता का अपहरण
भाग-५०(50) सीता का रावण को धिक्कारना
भाग-५२(52) रावण का सीता को अपने अन्तःपुर का दर्शन कराना और अपनी भार्या बन जाने के लिये समझाना
भाग-५७(57) श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत
भाग-५९(59) श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा सीता की खोज और उनके न मिलने से श्रीराम की व्याकुलता
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